“बजट नहीं बढ़ा ढोल है, जिसमें आवाज़ बहुत है लेकिन अंदर कुछ नहीं है”: अखिलेश यादव

- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ: पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आज पार्टी कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार के बजट को लेकर सवाल उठाते हुए इसे केवल ढोल की तरह बताया, जिसमें बहुत शोर है, लेकिन अंदर कुछ भी नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट देखकर भाजपा के मंत्रियों के गले सूख गए हैं क्योंकि अब इन मंत्रियों और विधायकों को ही जनता का सामना करना पड़ेगा। बेरोजगारों और जनता को इन विधायकों का सामना करना होगा और जनता लगातार सवाल कर रही है कि जुमला मंत्रालय के लिए क्या योजना है।
उन्होंने अंग्रेजी की कहावत “साइलेंस इज़ गोल्ड” का हवाला देते हुए कहा कि “विद्वानों की सभा में मूढ़ के लिए मौन ही आभूषण होता है”, जो इस समय सरकार की स्थिति को दर्शाता है।
उर्दू विरोध पर तीखा कटाक्ष
अखिलेश यादव ने उर्दू के विरोध पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो लोग उर्दू का विरोध करते हैं, वही अपने भाषणों में उर्दू का इस्तेमाल करते हैं, जो उनके दोगलेपन को दर्शाता है।
घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए
अखिलेश यादव ने सरकार के द्वारा किए गए वादों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले घोषणा पत्र में फसलों का न्यूनतम मूल्य देने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक किसानों की हालत में कोई बदलाव नहीं आया। साथ ही गन्ना किसानों का बकाया भी सरकार द्वारा छिपाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने डबल ब्लंडर किए हैं।
महिलाओं और नौकरियों का मुद्दा
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने घोषणा की थी कि वह सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या दोगुनी करेगी, लेकिन सरकार अब तक यह नहीं बता पाई कि क्या महिलाओं की संख्या दोगुनी हुई है या नहीं।
स्वास्थ्य सेवाओं में कमी
अखिलेश यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने वित्तमंत्री के गृह जनपद शाहजहांपुर का उदाहरण दिया, जहां मेडिकल कॉलेज नहीं चल पा रहा है और एंबुलेंस की कमी है। इसके अलावा, उन्होंने गोरखपुर के एक महिला मरीज की स्थिति का जिक्र किया, जिसे इलाज के लिए लखनऊ के कैंसर इंस्टीट्यूट आना पड़ा, जबकि गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स में इलाज नहीं मिल पा रहा था।
सरकारी वादों के विफल होने का आरोप
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने पहले घोषणा की थी कि वे छह मेगा फूड पार्क बनाएंगे, लेकिन आज तक एक भी फूड पार्क नहीं बना। साथ ही महिलाओं को सरकारी नौकरियों में विशेष प्राथमिकता देने की बात भी अधूरी रह गई। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल धोखा है और कोई ठोस योजना नहीं है।
अखिलेश यादव ने इस प्रेस वार्ता में स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि राज्य सरकार अपने वादों में पूरी तरह विफल रही है और जनता को अब इनसे कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।